मां बनने का एहसास शायद इस दुनिया के सबसे खूबसूरत एहसासों में से एक है। प्रेग्नेंसी को हम खुशी के साथ जोड़ते हैं क्योंइकि घर में एक नए महमान के आने से खुशियां दोगुनी हो जाती हैं। इसे टोकोफोबिया के नाम से भी जाना जाता है।
लेकिन कुछ महिलायें प्रसव और उससे पहले के दौर से गुजरने के बाद बहुत डर जाती हैं, इसलिए दोबार से गर्भवती होना भी नहीं चाहती हैं। हालांकि प्रेगनेंसी का यह डर कई महिलाओं में आम होता है और इस डर के पीछे कोई और नहीं बल्कि दिमागी डर छुपा होता है। अगर आप भी प्रेग्नेंसी फोबिया से गुजर रहीं रही हैं तो यह टिप्सह आपके काम आ सकते हैं।
काउंसलर से बात करें
गर्भावस्था बाद अगर आप को डर लग रहा है, प्रसव के बाद होने वाले दर्द से आप उबर नहीं पा रही हैं तो सबसे पहले एक काउंसलर के पास जायें और उससे सलाह लें। काउंसलर के पास इस डर से बाहर निकलने की तरकीबें होंगी जो आपके लिए फायदेमंद हो सकती हैं। उन महिलाओं से भी बात करनी चाहिये जो इस दौर से गुजर चुकी हों।
लेकिन कुछ महिलायें प्रसव और उससे पहले के दौर से गुजरने के बाद बहुत डर जाती हैं, इसलिए दोबार से गर्भवती होना भी नहीं चाहती हैं। हालांकि प्रेगनेंसी का यह डर कई महिलाओं में आम होता है और इस डर के पीछे कोई और नहीं बल्कि दिमागी डर छुपा होता है। अगर आप भी प्रेग्नेंसी फोबिया से गुजर रहीं रही हैं तो यह टिप्सह आपके काम आ सकते हैं।
काउंसलर से बात करें
गर्भावस्था बाद अगर आप को डर लग रहा है, प्रसव के बाद होने वाले दर्द से आप उबर नहीं पा रही हैं तो सबसे पहले एक काउंसलर के पास जायें और उससे सलाह लें। काउंसलर के पास इस डर से बाहर निकलने की तरकीबें होंगी जो आपके लिए फायदेमंद हो सकती हैं। उन महिलाओं से भी बात करनी चाहिये जो इस दौर से गुजर चुकी हों।
पार्टनर का साथ
अगर आपकी महिला साथी किसी भी प्रकार के सदमे से गुजर रही है तो इससे बाहर निकालने का काम उसके पुरुष मित्र का सबसे अधिक है। क्योंहकि वह ही उसकी भावनाओं को समझकर उसे इससे बाहर निकलने में मदद कर सकता है। तो पार्टनर को चाहिए कि अपनी महिला साथी की हर तरह से मदद करें।
सकारात्महक सोच रखें
हर दर्द की दवा है सकारात्मंक सोच, यही सोच आपको हर कदम पर साथ निभाती है। आपको इस पॉजिटिव सोच की ओर भी ध्याचन देना चाहिये कि अगर इस दुनिया में बच्चाह लाना खुशी की बात नहीं होती, तो बहुत से जोड़े यह काम न करते। जब पुराने जमाने में महिलाएं बिना किसी मेडिकल सहायता के प्रसव के दौर से आराम से गुजर जाती थीं, तो आपको तो इतनी सारी मेडिकल सुविधायें उपलब्धक हैं, ऐसे में डर किस बात का।
जानकारी इकट्ठा करें
गर्भावस्थक से लेकर प्रसव तक के बारे में सभी प्रकार की जानकारी इकट्ठा कीजिए। बच्चाब होने से संबधित जानकारी के बारे में बारे में लोगों से पूछने की बजाए अच्छाज होगा कि आप टीवी या फिर अच्छी किताबों में पढ़ कर जानकारी प्राप्तज करें। आपको तो इस बात से खुश होना चाहिये कि प्रेगनेंसी के समय आप आराम से बिना किसी चिंता के जितनी मर्जी उतनी कैलोरी का खाना खा सकती हैं।
क्योंत होता है टोकोफोबिया
कई महिलाएं प्रसव को लेकर इतनी अधिक डरी होती हैं कि वे 40 तक की उम्र पार होने के बाद भी गर्भवती नहीं होना चाहती हैं। कुछ महिलाएं तो अपनी बॉडी शेप को लेकर ही डर जाती हैं, कि अगर उनका वही सुडौल शेप दुबारा न मिल पाया तो क्याी होगा। कुछ महिलाएं इसलिये डरती हैं कि मां बनने के बाद उनके पार्टनर उन्हें पहले जैसा प्याहर नहीं करेंगे। कुछ को लगता है कि उनकी जिंदगी में एक नया मेहमान आने से उनकी दिनचर्या प्रभावित हो जायेगी। इसके अलावा महिला को प्रसव के दौरान होने वाला दर्द सबसे अधिक सताता है।
मां बनना एक खूबसूरत एहसास है, और घर में एक नये मेहमान के आने से खुशियां भी बढ़ जाती हैं। इतनी मेडिकल सुविधाओं ने प्रसव के दर्द को कम कर दिया है। तो फिर प्रेग्नें सी फोबिया क्योंड।






